"सफ़र"
"सफ़र" एक ऐसी कहानी होती है जिसे सिर्फ उस सफ़र को तय करने वाला ही अनुभव कर सकता है। सफ़र जिन्दगी में कई तरह के होते हैं, कोई खुद को पाने की खोज में निकलता है तो कोई ज़िंदगी के सफ़र पर निकलता हैं। मगर इस सफ़र में खुद को फिर से ढूंढ लेना किसी ईश्वर को पाने से कम नहीं होता है। मगर उस सफ़र को शुरू करने के लिए सबसे पहले खोना जरूरी होता हैं, सफ़र में किसी मंजिल की तलाश में नहीं कभी-कभी इंसान खुद की तलाश में निकलता हैं और न जाने उस सफ़र में इंसान को कितना कुछ ऐसा मिल जाता है जो शायद उस सीमित दायरे में रहकर कभी न मिलती , जिसे हम उस सफ़र में अनुभव करते है या हमे उस सफ़र में मिलता है। शायद उस सफ़र का मतलब हर जाति, इंसान या परिस्थिति के हिसाब से अलग हो, मगर उस सफ़र का अनुभव शायद सबका एक जैसा होता होगा। किसी के लिए सफ़र शायद सुबह जल्दी उठकर रोजमर्रा का कामकाज हो सकता है या किसी के लिए दुनियां की भीड़ से दूर कही किसी एकांत में बैठकर कोई किताब पढ़ना हो सकता है, या फिर किसी के लिए शायद सफ़र किसी एक शहर से दूसरे शहर में घर बसाना हो सकता है। पर ये सब सिर्फ बाहरी दुनियां को दिखाने के लिए होता होगा कि हम सब कही न कहीं किसी न किसी रूप में सफ़र में हैं।
मगर सफर का सही मतलब शायद यही होता होगा कि कोई ज़िंदगी की इस भीड़ में इस तरह डूब चुका होता है कि खुली हवा में सांस लेने को तक तरस जाते हैं, या फिर किसी चीज के पीछे इतना भागने लगते है कि इंसान ये तक भूल जाता है कि सांस लेना और थोड़ा रुकना उतना ही जरूरी है जैसे किसी प्यासे को पानी की जरूरत होती हैं। हम सब की जिंदगी एक कहानी कहती है , जो आदमी फुटपाथ पर सोया है उनकी भी एक कहानी है और जो लाखों रुपए कमाता है उनकी भी एक कहानी होती है। पर इन दोनों की कहानी का एक पहलू एक जैसा ही होता है कि दोनों व्यक्ति अपने अपने हिस्से के सफ़र में हैं। और इस सफ़र में खुद को फिर से ढूंढना ही अपने आप में किसी खोए हुए मंजिल को पा लेने जैसा है। अगर कोई इंसान ये सोचता है कि शायद अब कुछ और ज़िंदगी में नहीं रह गया है या पाने को अब कुछ भी नहीं है तो इसका मतलब या तो वो इंसान अब तक खोया नहीं है या फिर उसका सफ़र अभी शुरू नहीं हुआ है क्योंकि जो इंसान खुद को पाने के सफ़र पर निकलता है वह सिर्फ अपने आप को ढूंढता है अपनी खोई मुस्कुराहट को ढूंढता है और वो मुस्कुराहट को फिर से पा लेना ही पहली सीढ़ी होती हैं उस सफ़र की। बस हिम्मत चाहिए एक कदम खुद की ओर बढ़ने की अपने मुस्कुराहट की ओर बढ़ने की फिर सफ़र का हर कदम खूबसूरत लगने लगता हैं।
